उत्तर प्रदेश में छात्राओं के लिए चलाई जा रही रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को लेकर एक नया मोड़ सामने आया है। योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया के बीच डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय द्वारा आय प्रमाणपत्र (Income Certificate) को लेकर जारी किए गए एक नए निर्देश ने छात्राओं और कॉलेज प्रबंधनों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है।
विश्वविद्यालय के इस फैसले के बाद योजना की व्यावहारिक शर्तों पर सवाल उठने लगे हैं। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला और क्यों इस नियम का विरोध हो रहा है।
क्या है विश्वविद्यालय का नया निर्देश?
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओम प्रकाश द्वारा 23 अगस्त को एक आधिकारिक पत्र जारी किया गया। इस पत्र के अनुसार –
- योजना का लाभ लेने के लिए छात्रा को परिवार के आय प्रमाणपत्र के स्थान पर स्वयं (छात्रा) का आय प्रमाणपत्र लगाना होगा।
- संबंधित कॉलेजों को निर्देश दिया गया है कि वे पोर्टल पर छात्रा के खुद के आय प्रमाणपत्र का क्रमांक दर्ज करें और उसकी डिजिटल कॉपी अपलोड करें।
क्यों उठ रहे हैं नए नियम पर सवाल?
विश्वविद्यालय के इस आदेश के बाद शैक्षणिक जगत और सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में भारी नाराजगी और हैरानी देखी जा रही है।
1. अव्यावहारिक शर्त
सेल्फ फाइनेंस कॉलेज के अध्यक्ष मुनेंद्र जादौन सहित अन्य विशेषज्ञों का कहना है कि जब छात्राएं पढ़ाई कर रही हैं और बेरोजगार हैं, तो उनका व्यक्तिगत आय प्रमाणपत्र कैसे बन सकता है? एक अध्ययनरत छात्रा की अपनी कोई स्वतंत्र आय नहीं होती।
2. मूल पात्रता शर्तों के विपरीत
सार्वजनिक रूप से उपलब्ध योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार, पात्रता की मुख्य शर्त परिवार की वार्षिक आय ₹12 लाख से कम होना है। ऐसे में परिवार के बजाय छात्रा का व्यक्तिगत आय प्रमाणपत्र मांगना योजना के मूल उद्देश्य से परे नजर आता है।
छात्राओं पर क्या पड़ेगा प्रभाव?
अनावश्यक परेशानी: इस नियम के लागू रहने से छात्राओं को तहसील और जनसेवा केंद्रों के चक्कर काटने पड़ेंगे, जहाँ पढ़ाई करने वाली छात्राओं का आय प्रमाणपत्र बनना व्यावहारिक रूप से काफी कठिन होता है। इससे कई पात्र छात्राएं योजना का लाभ लेने से वंचित हो सकती हैं।
आगे क्या?
कॉलेज प्रतिनिधियों और छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि इस अव्यावहारिक आदेश पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए और इसे वापस लिया जाए या संशोधित किया जाए। मांग की जा रही है कि पूर्व की भांति परिवार (माता/पिता) का ही आय प्रमाणपत्र मान्य किया जाए, ताकि छात्राओं को बेवजह की कागजी कार्रवाई और मानसिक तनाव से राहत मिल सके।
अगर आप भी रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो अपने कॉलेज और आधिकारिक पोर्टल के नवीनतम अपडेट्स पर नजर बनाए रखें।
