आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर अखिलेश यादव का बड़ा दांव: मानदेय 3 गुना करने का वादा, जानें सपा के ‘PDA ऑडिट’ की मुख्य बातें

28 अगस्त 2026, 7:37 पूर्वाह्न IST

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Samajwadi Party Anganwadi Promises: उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी (सपा) ने एक नया दांव चला है। अपने ‘पीडीए (PDA) ऑडिट’ श्रृंखला के तहत सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की स्थिति पर एक विस्तृत ऑडिट रिपोर्ट जारी की है।

इस रिपोर्ट के माध्यम से जहां एक तरफ वर्तमान सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए गए हैं, वहीं दूसरी तरफ सपा सरकार बनने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 3 गुना बढ़ोतरी, पेंशन और ग्रेच्युटी समेत कई बड़े वादे किए गए हैं।

सपा के ‘PDA ऑडिट’ की प्रमुख बातें और वर्तमान स्थिति

अखिलेश यादव द्वारा जारी किए गए पीडीए ऑडिट में उत्तर प्रदेश में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की स्थिति को लेकर निम्नलिखित आंकड़े और तथ्य रेखांकित किए गए हैं:

  • देश में सर्वाधिक संख्या: उत्तर प्रदेश में देश की सबसे ज्यादा यानी 3 लाख से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं कार्यरत हैं।
  • कम मानदेय: वर्तमान में कार्यकर्ताओं को ₹6,000 और सहायिकाओं को ₹3,000 प्रति माह मानदेय मिलता है, जिसे न्यूनतम वेतन मानकों से काफी कम बताया गया है।
  • अतिरिक्त मानदेय में यूपी पीछे: राज्य सरकार से मिलने वाले अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि/मानदेय के मामले में उत्तर प्रदेश देश में 25वें स्थान पर है।
  • सुविधाओं का अभाव: रिपोर्ट के अनुसार, इन्हें रिटायरमेंट भुगतान, पेंशन, वेलफेयर बोर्ड का गठन, वरिष्ठता आधारित वेतन वृद्धि और मृत्यु मुआवजा जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।

मानदेय में 3 गुना तक बढ़ोतरी और प्रमुख वादे

समाजवादी पार्टी ने वादा किया है कि प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के अधिकारों और सुविधाओं के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जाएंगे:

1. मानदेय और वरिष्ठता वृद्धि

  • मानदेय में बड़ी वृद्धि: राज्य सरकार की ओर से दिए जाने वाले अतिरिक्त मानदेय में कार्यकर्ताओं के लिए ₹12,000 से अधिक और सहायिकाओं के लिए ₹6,000 से अधिक की बढ़ोतरी की जाएगी।
  • वरिष्ठता भत्ता: 10 साल और 20 साल की सेवा पूरी करने पर अतिरिक्त मासिक मानदेय दिया जाएगा।

2. रिटायरमेंट और वित्तीय सुरक्षा

  • रिटायरमेंट आयु में बढ़ोतरी: सेवानिवृत्ति (Retirement) की उम्र 62 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष की जाएगी।
  • ग्रेच्युटी का लाभ: रिटायरमेंट के समय कार्यकर्ताओं को ₹3 लाख और सहायिकाओं को ₹2 लाख की ग्रेच्युटी दी जाएगी।
  • मुआवजा व आश्रित को नौकरी: दुर्घटना में गंभीर चोट लगने पर ₹3 लाख और असमय मृत्यु की स्थिति में ₹5 लाख का मुआवजा देने के साथ-साथ परिवार के आश्रित को रोजगार दिया जाएगा।

3. काम का दायरा और अन्य सुविधाएं

  • सीमित ड्यूटी व अतिरिक्त भत्ता: कार्यकर्ताओं की ड्यूटी केवल आंगनबाड़ी से जुड़े मूल कार्यों तक ही सीमित रखी जाएगी। चुनाव ड्यूटी, सर्वे या जनगणना जैसे अन्य गैर-शैक्षणिक कार्य कराने पर अतिरिक्त भत्ता दिया जाएगा।
  • यात्रा व संसाधन भत्ता: फील्ड विजिट, घर-घर जाने, बैठकों और पोषण वितरण के लिए मासिक यात्रा भत्ता (TA) मिलेगा।
  • स्मार्टफोन सुविधा: बेहतर कार्यप्रणाली के लिए हर 3 साल में नया और कार्यशील स्मार्टफोन प्रदान किया जाएगा।

वेलफेयर बोर्ड का गठन और सरकारी कर्मचारी का दर्जा

अखिलेश यादव ने यह भी स्पष्ट किया है कि पेंशन, ग्रेच्युटी और बीमा जैसे संवेदनशील मुद्दों के समाधान के लिए एक अलग ‘वेलफेयर बोर्ड’ का गठन किया जाएगा। इसके अलावा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भविष्य में सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिलाने के लिए भी ठोस प्रयास करने का आश्वासन दिया गया है।

निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश में 3 लाख से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का नेटवर्क एक बड़ा वोट बैंक माना जाता है। सपा का यह ‘पीडीए ऑडिट’ और उसके तहत किए गए वादे आगामी राजनीतिक परिदृश्य में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को साधने की दिशा में एक बड़ा कदम माने जा रहे हैं।

लेखक के बारे में

SHIVMANGAL

Senior Content Writer

मैं शिवमंगल वर्तमान में नौकरी दृष्टि में सीनियर कंटेंट राइटर के पोस्ट पर कार्यरत हु। वर्ष 2018 से शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहा हूं। मुझे सरकारी नौकरी , रिजल्ट आदि विषयों पर अपडेट देने का विशेष अनुभव है।
FIRST PUBLISHED: 28 अगस्त 2026, 7:37 पूर्वाह्न
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