UP Outsource Seva Nigam 2026: उत्तर प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों, निकायों और निगमों में काम कर रहे आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए एक बहुत ही राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है। राज्य के लाखों आउटसोर्स कार्मिकों का करीब एक साल लंबा इंतजार अब खत्म हो चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के आधिकारिक पोर्टल और लोगो का भव्य शुभारंभ करने जा रहे हैं। इस खास मौके पर लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सीएम कर्मचारियों के बढाए गए नए मानदेय की घोषणा भी कर सकते हैं।
लोकभवन से होगा सीधा प्रसारण, सभी जिलों के कर्मचारी जुड़ेंगे
राजधानी लखनऊ के लोकभवन में 2 सितंबर 2026 को सुबह 11 बजे इस राज्यस्तरीय कार्यक्रम का आयोजन तय किया गया है। इसका लाइव प्रसारण प्रदेश के सभी जिलों में किया जाएगा ताकि हर जिले में तैनात कर्मचारी इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बन सकें। आउटसोर्स सेवा निगम की प्रबंध निदेशक अमृता सोनी ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों और मंडलायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे स्थानीय स्तर पर कर्मचारियों के जुड़ने की पूरी व्यवस्था करें। इसके साथ ही मुख्यमंत्री गोमती नगर स्थित पिकप भवन में बने निगम के नए दफ्तर का उद्घाटन भी करेंगे।
UP Outsource Employees Category Wise Salary 2026: प्रस्तावित नया मानदेय
निगम के तहत तैयार की गई चार अलग-अलग श्रेणियों और उनके लिए निर्धारित मासिक मानदेय का विवरण नीचे दी गई टेबल में दिया गया है।
| पदों की श्रेणी (Category) | प्रस्तावित मासिक मानदेय | सामाजिक सुरक्षा लाभ |
|---|---|---|
| श्रेणी – 1 (Group A) | 40,000 रुपये प्रति माह | EPF, ESIC, मेडिकल कवर |
| श्रेणी – 2 (Group B) | 25,000 रुपये प्रति माह | EPF, ESIC, मेडिकल कवर |
| श्रेणी – 3 (Group C) | 22,000 रुपये प्रति माह | EPF, ESIC, मेडिकल कवर |
| श्रेणी – 4 (Group D) | 20,000 रुपये प्रति माह | EPF, ESIC, मेडिकल कवर |
2.70 लाख से अधिक कर्मचारियों को सीधे मिलेगा फायदा
सचिवालय प्रशासन विभाग से मिली ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में राज्य के सरकारी विभागों में लगभग 2.70 लाख आउटसोर्स कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। जैसे ही इसमें विभिन्न निगमों और स्वायत्त संस्थाओं के कर्मियों का ब्योरा पूरी तरह जुड़ेगा, लाभ पाने वाले कर्मचारियों की यह संख्या 3 लाख के पार पहुंच जाएगी। इस नए निगम के माध्यम से अब हर महीने की 5 तारीख तक कर्मचारियों के बैंक खाते में उनका मानदेय भेजना अनिवार्य कर दिया गया है।
जानिए कैसे खत्म होगा शोषण और शुरू होगा मैनपावर रजिस्ट्रेशन
उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का गठन कंपनी अधिनियम 2013 के तहत एक नॉट-फॉर-प्रॉफिट कंपनी के रूप में किया गया है। कैबिनेट ने 2 सितंबर 2025 को इस निगम को मंजूरी दी थी, जिसका शासनादेश 20 सितंबर को जारी हुआ था। पोर्टल शुरू होते ही बिचौलियों और प्राइवेट एजेंसियों द्वारा कर्मचारियों के होने वाले आर्थिक शोषण पर रोक लगेगी। इसके अलावा मैनपावर सप्लाई करने वाली एजेंसियों का नया रजिस्ट्रेशन शुरू होगा और सरकारी विभाग सीधे इस पोर्टल के जरिए खाली पदों पर भर्ती की मांग भेज सकेंगे।
