CBSE CTET Syllabus 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा आयोजित की जाने वाली केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) 2026 की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अब सही रणनीति के साथ पढ़ाई शुरू करने का समय आ गया है। शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों उम्मीदवारों के लिए सिलेबस और एग्जाम पैटर्न को समझना बेहद जरूरी है, ताकि वे परीक्षा में बेहतर स्कोर कर सकें।
सीटीईटी की परीक्षा में दो पेपर होते हैं—पेपर 1 (कक्षा 1 से 5 तक के प्राथमिक शिक्षकों के लिए) और पेपर 2 (कक्षा 6 से 8 तक के उच्च प्राथमिक शिक्षकों के लिए)। दोनों ही पेपर में 150 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) पूछे जाते हैं, जिनके लिए 150 अंक तय होते हैं।
CTET Paper 1 Exam Pattern (कक्षा 1 से 5 तक के लिए)
प्राथमिक स्तर की परीक्षा में बाल विकास, भाषा, गणित और पर्यावरण जैसे अनिवार्य विषय शामिल हैं।
| विषय / अनुभाग | प्रश्नों की संख्या | कुल अंक |
|---|---|---|
| बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (Child Development & Pedagogy) | 30 MCQs | 30 अंक |
| गणित (Mathematics) | 30 MCQs | 30 अंक |
| पर्यावरण अध्ययन (Environmental Studies) | 30 MCQs | 30 अंक |
| भाषा I (Language I – अनिवार्य) | 30 MCQs | 30 अंक |
| भाषा II (Language II – अनिवार्य) | 30 MCQs | 30 अंक |
| कुल योग (Total) | 150 MCQs | 150 अंक |
CTET Paper 2 Exam Pattern (कक्षा 6 से 8 तक के लिए)
उच्च प्राथमिक स्तर पर अभ्यर्थियों को उनके मुख्य विषय (मैथ्स/साइंस या सोशल साइंस) के आधार पर 60 अंकों का विकल्प चुनना होता है।
| विषय / अनुभाग | प्रश्नों की संख्या | कुल अंक |
|---|---|---|
| बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (Child Development & Pedagogy) | 30 MCQs | 30 अंक |
| गणित और विज्ञान (गणित व विज्ञान शिक्षकों के लिए) या सामाजिक अध्ययन / सामाजिक विज्ञान (सामाजिक विज्ञान शिक्षकों के लिए) | 60 MCQs | 60 अंक |
| भाषा I (Language I – अनिवार्य) | 30 MCQs | 30 अंक |
| भाषा II (Language II – अनिवार्य) | 30 MCQs | 30 अंक |
| कुल योग (Total) | 150 MCQs | 150 अंक |
तैयारी के लिए जरूरी टिप्स
- नेगेटिव मार्किंग नहीं: सीटीईटी परीक्षा में सबसे राहत की बात यह है कि गलत उत्तरों के लिए कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होती, इसलिए अभ्यर्थियों को सभी 150 प्रश्नों को हल करने का प्रयास करना चाहिए।
- समय प्रबंधन: 150 प्रश्नों को हल करने के लिए कुल 2 घंटे 30 मिनट (150 मिनट) का समय मिलता है, यानी हर प्रश्न के लिए औसतन 1 मिनट।
- पेडागोजी पर फोकस: हर विषय में पेडागोजी (शिक्षण शास्त्र) से जुड़े सवाल मुख्य भूमिका निभाते हैं, इसलिए कॉन्सेप्ट क्लेरिटी पर ज्यादा ध्यान दें।
अभ्यर्थी विस्तृत सिलेबस की PDF फाइल सीबीएसई सीटीईटी की आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर जाकर आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं।
CTET – सितम्बर 2026 पाठ्यक्रम
पेपर I (कक्षा 1 से 5 के लिए – प्राथमिक स्तर)
I. बाल विकास और शिक्षाशास्त्र (30 प्रश्न)
(क) बाल विकास (प्राथमिक स्कूल का बच्चा) – 15 प्रश्न
- विकास की अवधारणा और अधिगम (सीखने) के साथ इसका संबंध
- बच्चों के विकास के सिद्धांत
- आनुवंशिकता और पर्यावरण का प्रभाव
- समाजीकरण की प्रक्रियाएँ: सामाजिक दुनिया और बच्चे (शिक्षक, माता-पिता, साथी)
- पियाजे, कोहलबर्ग और वाइगोत्स्की: निर्माण और महत्वपूर्ण दृष्टिकोण
- बाल-केंद्रित और प्रगतिशील शिक्षा की अवधारणाएँ
- बुद्धि के निर्माण का आलोचनात्मक दृष्टिकोण
- बहु-आयामी बुद्धि (Multi-Dimensional Intelligence)
- भाषा और विचार
- एक सामाजिक संरचना के रूप में लिंग; लिंग भूमिकाएँ, लिंग-पूर्वाग्रह और शैक्षणिक अभ्यास
- शिक्षार्थियों के बीच व्यक्तिगत अंतर, भाषा, जाति, लिंग, समुदाय, धर्म आदि की विविधता के आधार पर अंतर को समझना
- अधिगम के लिए मूल्यांकन (Assessment for Learning) और अधिगम का मूल्यांकन (Assessment of Learning) के बीच अंतर; विद्यालय-आधारित मूल्यांकन, सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE): दृष्टिकोण और अभ्यास
- शिक्षार्थियों के तत्परता स्तर का आकलन करने, कक्षा में सीखने व आलोचनात्मक सोच को बढ़ाने और शिक्षार्थी की उपलब्धि का आकलन करने के लिए उपयुक्त प्रश्न तैयार करना।
(ख) समावेशी शिक्षा की अवधारणा और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को समझना – 5 प्रश्न
- वंचित और शोषित सहित विविध पृष्ठभूमि के शिक्षार्थियों की आवश्यकताओं को पूरा करना
- सीखने की कठिनाइयों, “दिव्यांगता” आदि वाले बच्चों की आवश्यकताओं को पूरा करना
- प्रतिभाशाली, रचनात्मक और विशेष क्षमता वाले शिक्षार्थियों की आवश्यकताओं को पूरा करना
(ग) अधिगम और शिक्षाशास्त्र (Learning & Pedagogy) – 10 प्रश्न
- बच्चे कैसे सोचते और सीखते हैं; बच्चे स्कूल में सफलता प्राप्त करने में क्यों और कैसे “असफल” होते हैं
- शिक्षण और सीखने की बुनियादी प्रक्रियाएँ; बच्चों की सीखने की रणनीतियाँ; एक सामाजिक गतिविधि के रूप में सीखना; सीखने का सामाजिक संदर्भ
- समस्या समाधानकर्ता और “वैज्ञानिक अन्वेषक” के रूप में बच्चा
- बच्चों में सीखने की वैकल्पिक अवधारणाएँ, सीखने की प्रक्रिया में बच्चों की “त्रुटियों” को महत्वपूर्ण कदमों के रूप में समझना
- संज्ञान और संवेग (Cognition & Emotions)
- प्रेरणा और सीखना (Motivation & Learning)
- सीखने में योगदान देने वाले कारक – व्यक्तिगत और पर्यावरणीय
II. गणित (30 प्रश्न)
(क) विषय-वस्तु (Content) – 15 प्रश्न
- ज्यामिति (Geometry)
- आकार और स्थानिक समझ
- हमारे चारों ओर ठोस वस्तुएँ
- संख्याएँ
- जोड़ना और घटाना
- गुणा करना
- भाग देना
- मापन (Measurement)
- भार (Weight)
- समय (Time)
- आयतन (Volume)
- आँकड़ों का प्रबंधन (Data Handling)
- पैटर्न (Patterns)
- मुद्रा / धन (Money)
(ख) शैक्षणिक मुद्दे (Pedagogical Issues) – 15 प्रश्न
- गणित की प्रकृति / तार्किक चिंतन; बच्चों के सोचने और तर्क करने के पैटर्न तथा अर्थ निकालने व सीखने की रणनीतियों को समझना
- पाठ्यचर्या में गणित का स्थान
- गणित की भाषा
- सामुदायिक गणित
- औपचारिक और अनौपचारिक तरीकों के माध्यम से मूल्यांकन
- शिक्षण की समस्याएँ
- त्रुटि विश्लेषण तथा सीखने और सिखाने के संबंधित पहलू
- निदानात्मक एवं उपचारात्मक शिक्षण (Diagnostic & Remedial Teaching)
III. पर्यावरण अध्ययन (EVS) (30 प्रश्न)
(क) विषय-वस्तु (Content) – 15 प्रश्न
- परिवार और मित्र:
- संबंध
- कार्य और खेल
- पशु
- पौधे
- भोजन (Food)
- आश्रय (Shelter)
- जल (Water)
- यात्रा (Travel)
- चीजें जो हम बनाते हैं और करते हैं (Things We Make and Do)
(ख) शैक्षणिक मुद्दे (Pedagogical Issues) – 15 प्रश्न
- पर्यावरण अध्ययन की अवधारणा और क्षेत्र
- EVS का महत्व, एकीकृत EVS
- पर्यावरण अध्ययन और पर्यावरण शिक्षा
- सीखने के सिद्धांत
- विज्ञान और सामाजिक विज्ञान से संबंध और दायरा
- अवधारणाओं को प्रस्तुत करने के दृष्टिकोण
- गतिविधियाँ (Activities)
- प्रयोग / व्यावहारिक कार्य
- चर्चा (Discussion)
- सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE)
- शिक्षण सामग्री / सहायक उपकरण (TLM)
- शिक्षण संबंधी समस्याएँ
IV. भाषा I (Language – I) (30 प्रश्न)
(क) भाषा बोधगम्यता (Comprehension) – 15 प्रश्न
- अपठित गद्यांश/पद्यांश पढ़ना – दो गद्यांश (एक गद्य या नाटक और एक कविता) जिनमें बोधगम्यता, निष्कर्ष, व्याकरण और मौखिक क्षमता पर प्रश्न होंगे (गद्य साहित्यिक, वैज्ञानिक, वर्णनात्मक या विवेचनात्मक हो सकता है)।
(ख) भाषा विकास का शिक्षाशास्त्र – 15 प्रश्न
- सीखना और ग्रहण करना (Learning & Acquisition)
- भाषा शिक्षण के सिद्धांत
- सुनने और बोलने की भूमिका; भाषा का कार्य और बच्चे इसे एक उपकरण के रूप में कैसे उपयोग करते हैं
- मौखिक और लिखित रूप में विचारों के संप्रेषण के लिए भाषा सीखने में व्याकरण की भूमिका पर आलोचनात्मक दृष्टिकोण
- विविधता वाली कक्षा में भाषा पढ़ाने की चुनौतियाँ; भाषा की कठिनाइयाँ, त्रुटियाँ और विकार
- भाषा कौशल (Language Skills)
- भाषा की समझ और प्रवीणता का मूल्यांकन: बोलना, सुनना, पढ़ना और लिखना
- शिक्षण-अधिगम सामग्री: पाठ्यपुस्तक, मल्टीमीडिया सामग्री, कक्षा का बहुभाषी संसाधन
- उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching)
V. भाषा II (Language – II) (30 प्रश्न)
(क) बोधगम्यता (Comprehension) – 15 प्रश्न
- दो अपठित गद्यांश (विवेचनात्मक या साहित्यिक या वर्णनात्मक या वैज्ञानिक) जिनमें समझ, व्याकरण और मौखिक क्षमता पर प्रश्न होंगे।
(ख) भाषा विकास का शिक्षाशास्त्र – 15 प्रश्न
- सीखना और ग्रहण करना
- भाषा शिक्षण के सिद्धांत
- सुनने और बोलने की भूमिका; भाषा का कार्य और बच्चे इसे एक उपकरण के रूप में कैसे उपयोग करते हैं
- मौखिक और लिखित रूप में विचारों के संप्रेषण के लिए भाषा सीखने में व्याकरण की भूमिका पर आलोचनात्मक दृष्टिकोण
- विविधता वाली कक्षा में भाषा पढ़ाने की चुनौतियाँ; भाषा की कठिनाइयाँ, त्रुटियाँ और विकार
- भाषा कौशल
- भाषा की समझ और प्रवीणता का मूल्यांकन: बोलना, सुनना, पढ़ना और लिखना
- शिक्षण-अधिगम सामग्री: पाठ्यपुस्तक, मल्टीमीडिया सामग्री, कक्षा का बहुभाषी संसाधन
- उपचारात्मक शिक्षण
पेपर II (कक्षा 6 से 8 के लिए – उच्च प्राथमिक स्तर)
I. बाल विकास और शिक्षाशास्त्र (30 प्रश्न)
(क) बाल विकास (उच्च प्राथमिक स्कूल का बच्चा) – 15 प्रश्न
(पेपर-1 के समान बाल विकास के सभी मुख्य बिंदु लागू होते हैं)
- विकास की अवधारणा और अधिगम के साथ संबंध
- बाल विकास के सिद्धांत
- आनुवंशिकता और पर्यावरण का प्रभाव
- समाजीकरण प्रक्रियाएँ (शिक्षक, माता-पिता, साथी)
- पियाजे, कोहलबर्ग और वाइगोत्स्की के सिद्धांत
- बाल-केंद्रित और प्रगतिशील शिक्षा
- बुद्धि और बहु-आयामी बुद्धि
- भाषा और विचार
- सामाजिक संरचना के रूप में लिंग और लैंगिक पूर्वाग्रह
- शिक्षार्थियों के बीच व्यक्तिगत भिन्नताएँ
- अधिगम के लिए मूल्यांकन और अधिगम का मूल्यांकन (CCE)
- कक्षा में आलोचनात्मक सोच और शिक्षार्थियों के स्तर के मूल्यांकन हेतु प्रश्न तैयार करना।
(ख) समावेशी शिक्षा की अवधारणा और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को समझना – 5 प्रश्न
- वंचित और शोषित पृष्ठभूमि के शिक्षार्थियों की आवश्यकताएँ
- सीखने की कठिनाइयों/दिव्यांगता वाले बच्चों की आवश्यकताएँ
- प्रतिभाशाली, सृजनात्मक और विशेष क्षमता वाले शिक्षार्थी
(ग) अधिगम और शिक्षाशास्त्र – 10 प्रश्न
- बच्चे कैसे सोचते और सीखते हैं; असफलता के कारण
- शिक्षण-अधिगम की बुनियादी प्रक्रियाएँ; सीखने के सामाजिक संदर्भ
- समस्या समाधानकर्ता और वैज्ञानिक अन्वेषक के रूप में बच्चा
- बच्चों की त्रुटियाँ और सीखने में वैकल्पिक अवधारणाएँ
- संज्ञान, संवेग और प्रेरणा
- सीखने को प्रभावित करने वाले व्यक्तिगत और पर्यावरणीय कारक
II. गणित और विज्ञान (Mathematics & Science) – 60 प्रश्न
(i) गणित (30 प्रश्न)
(क) विषय-वस्तु (Content) – 20 प्रश्न
- संख्या प्रणाली (Number System): हमारी संख्याओं को जानना, संख्याओं के साथ खेलना, पूर्ण संख्याएँ, ऋणात्मक संख्याएँ और पूर्णांक, भिन्न (Fractions)।
- बीजगणित (Algebra): बीजगणित का परिचय, अनुपात और समानुपात।
- ज्यामिति (Geometry): बुनियादी ज्यामितीय विचार (2-D), प्राथमिक आकारों की समझ (2-D और 3-D), सममिति (Symmetry), निर्माण (पैमाना, चांदा, compasses का उपयोग करके)।
- क्षेत्रमिति (Mensuration)
- आँकड़ों का प्रबंधन (Data Handling)
(ख) शैक्षणिक मुद्दे (Pedagogical Issues) – 10 प्रश्न
- गणित की प्रकृति / तार्किक चिंतन
- पाठ्यक्रम में गणित का स्थान
- गणित की भाषा और सामुदायिक गणित
- मूल्यांकन, उपचारात्मक शिक्षण और शिक्षण की समस्याएँ
(ii) विज्ञान (30 प्रश्न)
(क) विषय-वस्तु (Content) – 20 प्रश्न
- भोजन: भोजन के स्रोत, भोजन के घटक, भोजन की सफाई।
- सामग्री (Materials): दैनिक उपयोग की सामग्री।
- जीव जगत (The World of the Living)
- गतिमान वस्तुएँ, लोग और विचार (Moving Things People and Ideas)
- चीजें कैसे काम करती हैं: विद्युत धारा और परिपथ, चुंबक।
- प्राकृतिक घटनाएँ (Natural Phenomena)
- प्राकृतिक संसाधन (Natural Resources)
(ख) शैक्षणिक मुद्दे (Pedagogical Issues) – 10 प्रश्न
- विज्ञान की प्रकृति और संरचना
- प्राकृतिक विज्ञान / लक्ष्य और उद्देश्य
- विज्ञान को समझना और सराहना
- एकीकृत दृष्टिकोण (Integrated Approach)
- अवलोकन / प्रयोग / खोज (विज्ञान की पद्धति)
- नवीनता (Innovation)
- पाठ्य सामग्री / सहायक उपकरण
- मूल्यांकन (ज्ञानात्मक, मनोप्रेरणात्मक, भावात्मक)
- समस्याएँ और उपचारात्मक शिक्षण
III. सामाजिक अध्ययन / सामाजिक विज्ञान (Social Studies / Social Sciences) – 60 प्रश्न
(क) विषय-वस्तु (Content) – 40 प्रश्न
1. इतिहास (History):
- कब, कहाँ और कैसे
- सबसे पहले के समाज
- पहले कृषक और चरवाहे
- प्रथम शहर और प्रारंभिक राज्य
- नए विचार और पहला साम्राज्य
- दूरस्थ भूमि के साथ संपर्क
- राजनीतिक विकास, संस्कृति और विज्ञान
- नए राजा और साम्राज्य, दिल्ली के सुल्तान
- वास्तुकला और साम्राज्य का निर्माण
- सामाजिक परिवर्तन और क्षेत्रीय संस्कृतियाँ
- कंपनी की शक्ति की स्थापना
- ग्रामीण जीवन और समाज
- उपनिवेशवाद और जनजातीय समाज
- 1857-58 का विद्रोह
- महिलाएँ और सुधार
- जाति व्यवस्था को चुनौती
- राष्ट्रीय आंदोलन और स्वतंत्रता के बाद का भारत
2. भूगोल (Geography):
- एक सामाजिक अध्ययन और विज्ञान के रूप में भूगोल
- सौर मंडल में पृथ्वी
- ग्लोब (Globe)
- समग्रता में पर्यावरण: प्राकृतिक और मानवीय पर्यावरण
- वायु और जल
- मानव पर्यावरण: बस्ती, परिवहन और संचार
- संसाधन: प्रकार – प्राकृतिक और मानवीय
- कृषि (Agriculture)
3. सामाजिक और राजनीतिक जीवन (Social and Political Life):
- विविधता (Diversity)
- सरकार और स्थानीय सरकार
- जीविका चलाना (Making a Living)
- लोकतंत्र (Democracy)
- राज्य सरकार
- मीडिया को समझना
- लिंग (Gender) की समझ
- संविधान और संसदीय सरकार
- न्यायपालिका (Judiciary)
- सामाजिक न्याय और सीमान्तीकरण
(ख) शैक्षणिक मुद्दे (Pedagogical Issues) – 20 प्रश्न
- सामाजिक विज्ञान/सामाजिक अध्ययन की अवधारणा और प्रकृति
- कक्षा की प्रक्रियाएँ, गतिविधियाँ और प्रवचन
- आलोचनात्मक सोच का विकास करना
- पूछताछ / अनुभवजन्य साक्ष्य (Empirical Evidence)
- सामाजिक विज्ञान पढ़ाने की समस्याएँ
- स्रोत – प्राथमिक और माध्यमिक
- परियोजना कार्य (Project Work)
- मूल्यांकन (Evaluation)
IV. भाषा I (Language – I) – 30 प्रश्न
- भाषा बोधगम्यता (15 प्रश्न): दो अपठित गद्यांश/पद्यांश (बोधगम्यता, निष्कर्ष, व्याकरण और मौखिक क्षमता पर आधारित प्रश्न)।
- भाषा विकास का शिक्षाशास्त्र (15 प्रश्न): अधिगम और अर्जन, भाषा शिक्षण के सिद्धांत, सुनने-बोलने की भूमिका, व्याकरण की भूमिका, विविध कक्षा की चुनौतियाँ, भाषा कौशल, मूल्यांकन, TLM और उपचारात्मक शिक्षण।
V. भाषा II (Language – II) – 30 प्रश्न
- बोधगम्यता (15 प्रश्न): दो अपठित गद्यांश (व्याकरण और मौखिक क्षमता पर आधारित प्रश्न)।
- भाषा विकास का शिक्षाशास्त्र (15 प्रश्न): भाषा अधिगम, शिक्षण सिद्धांत, सुनने और बोलने की भूमिका, भाषा कौशल, मूल्यांकन, शिक्षण सामग्री और उपचारात्मक शिक्षण।
