Vishwakarma Shram Samman Yojana-2: उत्तर प्रदेश के बेरोजगार युवाओं और छोटे हुनरमंदों को स्वावलंबी बनाने के लिए योगी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना-2’ को कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग ने इस पर तेजी से काम शुरू कर दिया है।
इस योजना के तहत अब पारंपरिक कारीगरों के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी क्षेत्र से जुड़े युवाओं को भी शामिल किया गया है। अभ्यर्थियों को 10 दिन का निशुल्क कौशल विकास प्रशिक्षण (Training) दिया जाएगा और प्रशिक्षण पूरा होने पर टूलकिट के साथ-साथ ₹10 लाख तक का बिना गारंटी और बिना ब्याज का लोन उपलब्ध कराया जाएगा।
योजना से जुड़ी मुख्य बातें एक नज़र में
| पहलू | महत्वपूर्ण विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना-2 |
| संबंधित विभाग | MSME विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार |
| प्रशिक्षण की अवधि | 10 दिन (बिलकुल मुफ्त कौशल उन्नयन प्रशिक्षण) |
| टूलकिट सहायता | प्रशिक्षण के बाद ₹15,000 तक की फ्री टूलकिट |
| वित्तीय सहायता (Loan) | ₹10 लाख तक का लोन (बिना गारंटी और ब्याज-मुक्त) |
| प्रशिक्षण संस्थान | ITI, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड व सरकारी संस्थान |
इन 14 नए और आधुनिक ट्रेडों को किया गया शामिल
सरकार ने बाजार की मौजूदा मांग को देखते हुए कई नए और डिजिटल क्षेत्रों को इस योजना से जोड़ा है। अब केवल पारंपरिक कामगार ही नहीं, बल्कि नई तकनीक में रुचि रखने वाले युवा भी इसका लाभ उठा सकेंगे:
- आधुनिक एवं टेक्निकल ट्रेड: मोबाइल रिपेयरिंग, ऑटोमोबाइल मरम्मत, इलेक्ट्रॉनिक एवं विद्युत सामान मरम्मत, प्लंबर, कंप्यूटर रिपेयरिंग, सोलर पैनल इंस्टॉलेशन, डिजिटल फोटोग्राफी, और ब्यूटी एवं वेलनेस।
- पारंपरिक ट्रेड: मूर्तिकार, मालाकार (फूल विक्रेता), दूध कारोबारी, भरभूजा (अनाज भूनने वाले) और मछली पालन करने वाले।
(ध्यान दें: दर्जी, कुम्हार, बढ़ई, लोहार, राजमिस्त्री, नाई, धोबी और मोची जैसे पारंपरिक कारीगर इस योजना में पहले से ही शामिल हैं।)
प्रमुख पात्रता और शर्तें
- आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
- आवेदक उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए और असंगठित क्षेत्र में पारंपरिक या आधुनिक व्यवसाय से जुड़ा होना चाहिए।
- मार्जिन मनी ऋण के लिए पूर्व-प्रशिक्षित या योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त लाभार्थी होना अनिवार्य है।
कैसे मिलेगी ट्रेनिंग और लोन?
योजना के तहत चुने गए लाभार्थियों को आईटीआई (ITI) या खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के माध्यम से 10 दिनों की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वे बाजार की मांग के अनुसार अपनी सेवाएं दे सकें। प्रशिक्षण के तुरंत बाद काम शुरू करने के लिए ₹15,000 मूल्य की आधुनिक टूलकिट मुफ्त दी जाएगी।
इसके बाद, यदि लाभार्थी अपना खुद का बिजनेस या वर्कशॉप स्थापित करना चाहता है, तो उसे बैंकों के माध्यम से ₹10 लाख तक का लोन मिलेगा। इस लोन पर मार्जिन मनी सब्सिडी के रूप में दी जाएगी, जिससे लाभार्थी को बिना किसी गारंटी और बिना ब्याज के वित्तीय मदद मिल सकेगी।
यदि आप भी अपने हुनर को व्यवसाय में बदलना चाहते हैं, तो उद्योग विभाग के पोर्टल या निकटतम जिला उद्योग केंद्र पर जाकर जल्द ही इस योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर आवेदन कर सकते हैं।
