UP TGT-PGT Big News: उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में टीजीटी और पीजीटी शिक्षकों की नई भर्ती का इंतजार कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। शिक्षा निदेशालय की ओर से उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) को टीजीटी के 17,740 और पीजीटी के 2,615 पदों का अधियाचन (याचिका) भेज दिया गया है।
लेकिन इस नई भर्ती प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। इस बार अभ्यर्थियों को क्षैतिज आरक्षण (Horizontal Reservation) का लाभ नहीं दिया जाएगा। यानी पूर्व सैनिकों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों, महिलाओं और राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों को मिलने वाला विशेष कोटा इस भर्ती में लागू नहीं होगा।
भर्ती और रिक्त पदों का डिटेल्स
| पद का नाम | कुल पदों की संख्या | क्षैतिज आरक्षण की स्थिति |
|---|---|---|
| प्रशिक्षित स्नातक (TGT) | 17,740 पद | लागू नहीं होगा |
| प्रवक्ता (PGT) | 2,615 पद | लागू नहीं होगा |
| कुल पद | 20,355 पद | – |
आखिर क्यों नहीं मिलेगा क्षैतिज आरक्षण?
यह पहली बार है जब शिक्षा निदेशालय की तरफ से सीधे आयोग को अधियाचन भेजा गया है। इससे पहले जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) सीधे माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को अधियाचन भेजते थे और चयन बोर्ड अपने स्तर पर क्षैतिज आरक्षण देता था।
शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों का तर्क है कि नियमानुसार क्षैतिज आरक्षण का लाभ तभी दिया जा सकता है जब किसी एक इकाई (यूनिट) से रिक्त पदों की संख्या 25 या उससे अधिक हो। टीजीटी-पीजीटी भर्ती में चयन की मूल इकाई ‘व्यक्तिगत एडेड कॉलेज’ को माना जाता है। चूंकि किसी भी एक कॉलेज से 25 से अधिक पदों का अधियाचन नहीं मिला है, इसलिए तकनीकी कारणों से इस बार यह आरक्षण दे पाना संभव नहीं है।
असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती पर क्या होगा असर?
एडेड माध्यमिक स्कूलों में भले ही क्षैतिज आरक्षण का लाभ न मिल रहा हो, लेकिन प्रदेश के एडेड डिग्री कॉलेजों में होने वाली असिस्टेंट प्रोफेसर के 1,936 पदों की भर्ती में यह आरक्षण लागू रहेगा। इसका कारण यह है कि कई महाविद्यालयों में शिक्षकों के कुल पद 150 से अधिक हैं और वहां से 25 से ज्यादा रिक्त पदों का अधियाचन प्राप्त हुआ है।
परिषदीय स्कूलों के टीईटी पास शिक्षक भी भर रहे विशेष टीईटी फॉर्म
दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत और पहले से टीईटी (TET) पास कर चुके शिक्षक भी विशेष टीईटी के लिए फॉर्म भर रहे हैं। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार 2028 तक सभी शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य किया गया है। समय-सीमा में केवल दो साल का वक्त बचा है, ऐसे में शिक्षक रिजल्ट या नियमों में किसी भी बदलाव की आशंका से बचने के लिए कोई जोखिम नहीं लेना चाहते।
