अगर आप भी ग्रेजुएशन के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) करने की योजना बना रहे हैं, तो इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) आपके लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी लेकर आया है। अब आपको मास्टर डिग्री पूरी करने के लिए 2 साल का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत इग्नू ने 1-वर्षीय स्नातकोत्तर (Master’s Degree) कार्यक्रमों की शुरुआत कर दी है।
इग्नू क्षेत्रीय केंद्र पटना के वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक डॉ. कृष्ण राव के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों के समय की बचत करना और उन्हें कम अवधि में उच्च शिक्षा के साथ व्यावसायिक लक्ष्यों को हासिल करने में मदद करना है।
एक नज़र में: इग्नू 1-वर्षीय पीजी प्रोग्राम 2026
इस नए मास्टर प्रोग्राम से जुड़ी मुख्य बातें नीचे दी गई टेबल में देखी जा सकती हैं।
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| विश्वविद्यालय का नाम | इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) |
| कोर्स की अवधि | 1 वर्ष (2 सेमिस्टर) |
| पात्रता (Eligibility) | NEP-2020 के तहत 4-वर्षीय स्नातक (Undergraduate) डिग्री |
| प्रमुख विषय | हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, अर्थशास्त्र, वाणिज्य, पत्रकारिता एवं विकास अध्ययन |
| नियम का आधार | राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) |
किन-किन विषयों में कर सकेंगे 1 साल की मास्टर डिग्री?
इग्नू ने फिलहाल कई लोकप्रिय और व्यावसायिक विषयों में इस 1-वर्षीय पीजी प्रोग्राम को शुरू किया है। यदि आपने संबंधित विषय में 4 साल का ग्रेजुएशन पूरा किया है, तो आप इन विषयों में मास्टर डिग्री ले सकते हैं:
- भाषा एवं साहित्य: हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत
- सामाजिक विज्ञान व वाणिज्य: अर्थशास्त्र (Economics) और वाणिज्य (Commerce)
- मीडिया व विकास: पत्रकारिता एवं जनसंचार (Journalism) और विकास अध्ययन (Development Studies)
ध्यान दें कि ‘विकास अध्ययन में कला स्नातकोत्तर’ (MA in Development Studies) के लिए किसी भी स्ट्रीम से 4-वर्षीय स्नातक डिग्री वाले छात्र आवेदन कर सकते हैं।
कौन छात्र होंगे इस योजना के पात्र?
यह नया 1-वर्षीय पीजी प्रोग्राम विशेष रूप से उन छात्रों के लिए डिज़ाइन किया गया है जिन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत अपना 4-वर्षीय ऑनर्स/रिसर्च स्नातक (4-Year Undergraduate Degree) पूरा किया है। जिन छात्रों ने पुराना 3-वर्षीय ग्रेजुएशन किया है, उन्हें पारंपरिक 2-वर्षीय पीजी कोर्स में ही दाखिला मिलेगा।
इग्नू की इस पहल से उन अभ्यर्थियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा जो प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं या जल्द से जल्द अपनी शैक्षणिक योग्यता बढ़ाकर जॉब मार्केट में उतरना चाहते हैं।
