UPESSSE New Rules 2026: उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों के लिए एक बड़ी खबर आई है। राज्य सरकार ने प्रदेश के इंटरमीडिएट कॉलेजों में प्रधानाचार्य (Principal) और सम्बद्ध प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापकों (Assistant Teachers) की नियुक्ति के नियमों में बड़ा संशोधन कर दिया है।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आधिकारिक राजपत्र (गजट) में जारी इस अधिसूचना का मुख्य उद्देश्य शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को पहले से अधिक पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और वर्तमान समय की जरूरतों के अनुकूल बनाना है। सरकार ने इसके लिए उत्तर प्रदेश इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम, 1921 के विनियमों में बदलाव को अपनी मंजूरी दी है।
प्रधानाचार्य पद के लिए अब क्या होंगी शर्तें?
गजट में जारी नई व्यवस्था के अनुसार, इंटरमीडिएट कॉलेजों में प्रधानाचार्य पद पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातकोत्तर (Post Graduate) डिग्री होनी अनिवार्य है। इसके साथ ही NCTE से मान्यता प्राप्त संस्थान से B.Ed. या समकक्ष टीचर ट्रेनिंग योग्यता का होना भी जरूरी कर दिया गया है।
शैक्षणिक योग्यता के अलावा अनुभव के मोर्चे पर भी नियम सख्त किए गए हैं। अब प्रधानाचार्य पद के लिए उम्मीदवारों के पास उच्च कक्षाओं (कक्षा 9 से 12) में प्रवक्ता या सहायक अध्यापक के रूप में कम से कम 4 वर्ष का शिक्षण अनुभव होना चाहिए, अथवा जूनियर हाईस्कूल के प्रिंसिपल के रूप में 4 साल का कार्य अनुभव होना आवश्यक है। साथ ही, आवेदक की न्यूनतम आयु 30 वर्ष तय की गई है। आयोग ने योग्य अभ्यर्थियों को अवसर देने के लिए अनुभव से जुड़े कुछ वैकल्पिक प्रावधान भी शामिल किए हैं।
सम्बद्ध प्राइमरी सेक्शन में सहायक अध्यापकों के नए नियम
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट कॉलेजों से सम्बद्ध प्राथमिक अनुभागों में सहायक अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया और योग्यता को भी रिवाइज्ड किया गया है।
नए नियमों के मुताबिक, अब सम्बद्ध प्राइमरी सेक्शन में सहायक अध्यापक बनने के लिए उम्मीदवार के पास स्नातक (Graduation) की डिग्री के साथ BTC, D.El.Ed. या इसके समकक्ष कोई अन्य मान्यता प्राप्त शिक्षक प्रशिक्षण योग्यता होनी चाहिए। इसके अलावा, अभ्यर्थियों का कक्षा 1 से 5 के लिए आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करना अनिवार्य रहेगा। गजट में यह स्पष्ट रूप से साफ कर दिया गया है कि इन सभी पदों पर नियुक्तियां सीधी चयन प्रक्रिया के माध्यम से ही की जाएंगी।
इन नए संशोधनों के लागू होने के बाद अब आगामी शिक्षक भर्तियों में केवल वही अभ्यर्थी शामिल हो सकेंगे जो इन रिवाइज्ड मानकों को पूरी तरह पूरा करते हों।
