UP Primary Teacher Eligibility Rules: उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती की तैयारी में जुटे लाखों अभ्यर्थियों के बीच इन दिनों एक ही सवाल सबसे ज्यादा गूंज रहा है—”क्या B.Ed वाले अब सम्बद्ध प्राइमरी सेक्शन में मास्टर बन पाएंगे?” उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में राजपत्र (गजट) जारी कर इंटरमीडिएट कॉलेजों और हाईस्कूलों से जुड़े प्राइमरी सेक्शन (कक्षा 1 से 5) में सहायक अध्यापकों की नियुक्ति के नियमों में बड़े संशोधन किए गए हैं।
इस नए संशोधन के बाद शैक्षणिक योग्यता की तस्वीर पूरी तरह से साफ हो गई है। अगर आप भी यूपी में शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं, तो आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि आयोग अब किन डिग्री-डिप्लोमा धारकों के आवेदन स्वीकार करेगा।
प्राइमरी शिक्षक बनने के लिए अनिवार्य योग्यता
संशोधित नियमों के अनुसार, प्राथमिक शिक्षा के लिए उन अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी गई है, जिनके पास छोटे बच्चों को पढ़ाने का विशेष प्रशिक्षण है। अब यदि आप प्राइमरी अनुभाग में सहायक अध्यापक पद के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो आपके पास तीन मुख्य योग्यताएं होना अनिवार्य है।
| क्रम | अनिवार्य योग्यता (Eligibility Criteria) | विवरण |
|---|---|---|
| 1 | स्नातक (Graduation) | किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की डिग्री। |
| 2 | टीचर ट्रेनिंग डिप्लोमा | NCTE से मान्यता प्राप्त BTC या D.El.Ed. (Diploma in Elementary Education)। |
| 3 | पात्रता परीक्षा (TET) | कक्षा 1 से 5 के लिए आयोजित UPTET या CTET पास होना जरूरी। |
B.Ed पास अभ्यर्थियों का अब क्या होगा?
पुराने नियमों पर नजर डालें तो यदि पर्याप्त संख्या में BTC ट्रेंड उम्मीदवार नहीं मिलते थे, तब B.Ed योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर दिया जाता था। इसी वजह से बड़ी संख्या में B.Ed अभ्यर्थी प्राइमरी शिक्षक भर्ती की उम्मीद लगाए बैठे थे।
लेकिन, नए जारी राजपत्र ने स्थिति एकदम स्पष्ट कर दी है। सरकार ने प्राथमिक कक्षाओं में शिक्षण के लिए BTC और D.El.Ed जैसी विशेष अर्हता रखने वाले अभ्यर्थियों को ही मुख्य योग्यता के रूप में शामिल किया है। नए रिवाइज्ड रूल्स में B.Ed को अनिवार्य योग्यता के रूप में जगह नहीं दी गई है।
भविष्य की भर्तियों पर क्या पड़ेगा असर?
विशेषज्ञों का भी यही मानना है कि प्राथमिक शिक्षा (कक्षा 1 से 5) की जरूरतें और बच्चों को पढ़ाने का तरीका माध्यमिक व उच्च माध्यमिक कक्षाओं से बिल्कुल अलग होता है। सरकार के इस फैसले का सीधा असर आने वाली शिक्षक भर्तियों पर देखने को मिलेगा।
ऐसे में जो युवा भविष्य में यूपी के प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक बनना चाहते हैं, उन्हें अब यह सुनिश्चित करना होगा कि वे ग्रेजुएशन के बाद BTC/D.El.Ed के साथ-साथ TET परीक्षा जरूर पास करें, ताकि आवेदन के समय किसी कानूनी या तकनीकी अड़चन का सामना न करना पड़े।
