8th Pay Commission Pension: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजरें इन दिनों 8वें वेतन आयोग पर टिकी हुई हैं। आयोग अपनी सिफारिशें तैयार करने के लिए देश भर में अलग-अलग कर्मचारी और पेंशनर्स संगठनों के साथ लगातार ताबड़तोड़ बैठकें कर रहा है। हाल ही में चंडीगढ़ में तीन दिवसीय मैराथन बैठक संपन्न होने के बाद, अब आयोग 7 और 8 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में अगली बड़ी बैठक करने जा रहा है।
इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य एक पारदर्शी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए सैलरी स्ट्रक्चर, फिटमेंट फैक्टर और पेंशन गणना में सुधार के लिए सभी सुझावों पर मंथन करना है।
पेंशन और महंगाई राहत (DR) को लेकर क्या हैं बड़ी डिमांड्स?
आयोग के सामने विभिन्न कर्मचारी यूनियनों और पेंशनभोगी संगठनों ने कई अहम प्रस्ताव रखे हैं।
- त्रैमासिक DR संशोधन: ‘भारत पेंशनर्स समाज’ (BPS) ने मांग की है कि महंगाई राहत का संशोधन 6 महीने के बजाय 3 महीने के औसत महंगाई सूचकांक (AICPI-IW) के आधार पर तिमाही स्तर पर किया जाए।
- बेसिक पे/पेंशन में विलय: ‘फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशंस’ (FNPO) का सुझाव है कि जैसे ही DA या DR 25% के आंकड़े को पार करे, उसे मूल वेतन या पेंशन में मर्ज कर दिया जाना चाहिए।
- फिटमेंट फैक्टर की री-रिव्यू: संगठनों ने मांग रखी है कि DA/DR के 50% पर पहुंचते ही फिटमेंट फैक्टर की नए सिरे से समीक्षा की जाए ताकि महंगाई के असर को बेअसर किया जा सके।
8वां वेतन आयोग: मुख्य बातें एक नज़र में
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| आयोग का गठन | 03 नवंबर 2025 (18 महीने के कार्यकाल के लिए) |
| चेयरपर्सन | जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई |
| अन्य सदस्य | पुलक घोष (अंशकालिक सदस्य) व पंकज जैन (सदस्य-सचिव) |
| अगली प्रमुख बैठक | 07 – 08 अक्टूबर 2026 (बेंगलुरु) |
| सिफारिशें आने की संभावित तिथि | मई – जून 2027 |
कब तक लागू होंगी सिफारिशें?
जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाले इस 3-सदस्यीय आयोग ने अपने कार्यकाल का 10 महीने से अधिक का समय पूरा कर लिया है। देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा करने के बाद आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट मई-जून 2027 तक सरकार को सौंप सकता है।
आयोग की इसी रिपोर्ट से तय होगा कि केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स का नया वेतन ढांचा क्या होगा और क्या मौजूदा महंगाई राहत (DR) प्रणाली में कोई बड़ा बदलाव किया जाएगा।
