NSP Scholarship Rules Changed 2026: अगर आप भी नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) के जरिए छात्रवृत्ति का इंतजार कर रहे हैं या हर साल आवेदन करते हैं, तो आपके लिए एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल के नियमों में कई ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण बदलाव कर दिए हैं।
सबसे बड़ा फायदा उन होनहार और जरूरतमंद छात्रों को होगा जो अब तक असमंजस और कड़े नियमों के कारण केवल एक ही स्कॉलरशिप का लाभ ले पाते थे। अब नए नियमों के तहत पात्र छात्र एक साथ वेलफेयर (कल्याणकारी) और मेरिट (योग्यता) आधारित छात्रवृत्ति का फायदा उठा सकेंगे। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने भी अपने से संबद्ध सभी स्कूलों को पत्र जारी कर छात्रों और अभिभावकों को इन नए नियमों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए हैं।
स्कॉलरशिप की दो नई कैटेगरी और नियम
सरकार ने अलग-अलग विभागों के बीच भ्रम और डेटा दोहराव (Duplication) की समस्या को हमेशा के लिए खत्म करने हेतु सभी छात्रवृत्ति योजनाओं को दो मुख्य वर्गों में विभाजित किया है:
| स्कॉलरशिप की श्रेणी | उद्देश्य व आधार | प्रमुख योजनाएं |
|---|---|---|
| मेरिट-आधारित (Merit-Based) | शैक्षणिक प्रदर्शन, बोर्ड परीक्षा अंक, रैंक या क्वालीफाइंग परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्रों को प्रोत्साहन। | • NMMSS • सेंट्रल सेक्टर स्कॉलरशिप • INSPIRE योजना |
| कल्याण-आधारित (Welfare-Based) | आर्थिक रूप से कमजोर और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों (SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक) के छात्रों को पढ़ाई जारी रखने हेतु वित्तीय सहायता। | • प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप • पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप |
नया नियम: अगर आपको पहले से कोई कल्याण-आधारित (Welfare) स्कॉलरशिप मिल रही है और आप किसी प्रतियोगी परीक्षा या बोर्ड मार्क्स के दम पर मेरिट स्कॉलरशिप के लिए भी क्वालिफाई कर लेते हैं, तो आपको मेरिट स्कॉलरशिप देने से मना नहीं किया जाएगा। दोनों तरह की स्कॉलरशिप का लाभ अब एक साथ लिया जा सकता है।
आवेदन प्रक्रिया में हुए यह 3 बड़े सुधार
- वन टाइम बेसिक इंफॉर्मेशन: पहली बार आवेदन करते समय भरी गई आपकी सामान्य और बेसिक डिटेल्स सिस्टम में सुरक्षित (Save) हो जाएंगी। जब आप किसी दूसरी स्कीम के लिए अप्लाई करेंगे, तो आपको दोबारा वही जानकारी भरने में समय नहीं गंवाना पड़ेगा; सिर्फ उस स्कीम से जुड़े दस्तावेज ही अपलोड करने होंगे।
- गलतियों का सुधार आसान: यदि आवेदन में सिर्फ किसी योजना से जुड़ी कोई कमी पाई जाती है, तो छात्र पूरी प्रोफाइल बदले बिना केवल उसी विशेष जानकारी को एडिट कर सकेगा।
- बेसिक डिटेल्स बदलने पर नियम: अगर आप अपना नाम, पता, संस्थान या कोर्स जैसी बुनियादी जानकारी बदलना चाहते हैं, तो आपको पहले जमा किए गए अपने सभी आवेदन वापस (Withdraw) लेने होंगे।
वेरिफिकेशन प्रक्रिया (L1 व L2) अब होगी ट्रांसपेरेंट
अक्सर ऐसा होता था कि एक ही छात्र के कई आवेदनों की अलग-अलग अधिकारियों द्वारा जांच के दौरान आवेदन खारिज हो जाते थे। इस समस्या को सुलझाने के लिए L1 (स्कूल/कॉलेज स्तर) और L2 (जिला/राज्य नोडल अधिकारी) वेरिफिकेशन में पारदर्शिता लाई गई है:
- फीस डिटेल्स ऑटो-फिल होंगी: पहली स्कॉलरशिप वेरिफिकेशन में दर्ज की गई ट्यूशन फीस, एडमिशन फीस व अन्य नॉन-रिफंडेबल फीस की जानकारी अगले आवेदनों में अपने आप भर जाएगी।
- अधिकारियों को दिखेगा पूरा स्टेटस: नोडल अधिकारियों को एक ही डैशबोर्ड पर छात्र द्वारा किए गए सभी आवेदनों और उनके स्टेटस की पूरी जानकारी एक साथ दिखाई देगी।
- रेड फ्लैग (Red Flag) अलर्ट: यदि किसी छात्र के एक आवेदन में बुनियादी या शैक्षणिक जानकारी गलत पाई जाती है, तो उसके द्वारा किए गए बाकी सभी स्कॉलरशिप आवेदन सिस्टम में अपने आप ‘Red Flag’ कैटेगरी में चले जाएंगे ताकि गड़बड़ी या फर्जीवाड़े को रोका जा सके।
