NIOS Bridge Course: प्राइमरी शिक्षकों के लिए बड़ी राहत, पूरक परीक्षा और इंटरनल असेसमेंट से अब नहीं होंगे फेल

26 सितम्बर 2026, 8:04 पूर्वाह्न IST

Share

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत बीएड धारक शिक्षकों के लिए 6 महीने का ब्रिज कोर्स करना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में हजारों शिक्षकों के मन में नौकरी बचाने और परीक्षा पास करने को लेकर काफी तनाव था। लेकिन अब राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) ने शिक्षकों को एक बड़ी राहत दी है। एनआईओएस ने ब्रिज कोर्स के लिए परीक्षा पैटर्न और असेसमेंट का ऐसा लचीला सिस्टम तैयार किया है, जिससे किसी भी शिक्षक के फेल होने या नौकरी खतरे में पड़ने की आशंका लगभग खत्म हो गई है।

देशभर के प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत हजारों शिक्षक अब बिना किसी तनाव के इस 6 महीने के अनिवार्य ब्रिज कोर्स को आसानी से पूरा कर सकेंगे। औपचारिक अभिमुखीकरण (Orientation) के साथ इस कोर्स की शुरुआत हो चुकी है, जिसके लिए देशभर से 67,500 से अधिक और अकेले उत्तर प्रदेश से 34,000 से ज्यादा शिक्षकों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है।

अंकों का बंटवारा और पासिंग क्राइटेरिया

शिक्षकों के पेशेवर अनुभव और सहूलियत को ध्यान में रखते हुए 500 अंकों के इस पूरे कोर्स को दो बराबर भागों में बांटा गया है। इसमें आधा वेटेज आपके अपने स्कूल के आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessment) को दिया गया है:

परीक्षा का घटकनिर्धारित अंकन्यूनतम पासिंग अंक (%)विशेष विवरण
आंतरिक मूल्यांकन (Internal)25050%स्कूल अनुभव, शिक्षण योजना, रिफ्लेक्टिव डायरी आदि पर आधारित।
सैद्धांतिक परीक्षा (Theory)25040%ऑनलाइन कोर्स पूरा होने के बाद अप्रैल में प्रस्तावित मुख्य परीक्षा।
कुल योग (Aggregate)50050%कोर्स में सफल होने के लिए ओवरऑल 50% अंक अनिवार्य हैं।

स्कूल अनुभव के मिलेंगे 100 अंक, प्रिंसिपल के हाथ में असेसमेंट

एनआईओएस ने असेसमेंट सिस्टम को काफी व्यवहारिक बनाया है। आंतरिक मूल्यांकन के 250 अंकों में से पूरे 100 अंक केवल ‘स्कूल अनुभव’ (School Experience) के लिए तय किए गए हैं। इसके तहत शिक्षकों द्वारा रोजमर्रा के कामों जैसे— टीचिंग प्लान, पोर्टफोलियो, क्लासरूम एक्टिविटी और रिफ्लेक्टिव जर्नल (डायरी) का आकलन किया जाएगा।

चूँकि शिक्षक यह कार्य सालों से अपने स्कूलों में करते आ रहे हैं, इसलिए इसमें अंक पाना बेहद आसान होगा। सबसे अच्छी बात यह है कि आंतरिक मूल्यांकन के अंक शिक्षक के अपने स्कूल के प्रधानाध्यापक (Headmaster) या शिक्षा विभाग द्वारा ही दिए जाने हैं, जिससे शिक्षकों का नुकसान होने की गुंजाइश न के बराबर है।

फेल होने का डर खत्म, मिलेगी सप्लीमेंट्री परीक्षा की सुविधा

ऑनलाइन माध्यम से इस 6 महीने के कोर्स की पढ़ाई पूरी होने के बाद मुख्य लिखित परीक्षा आगामी अप्रैल माह में होना प्रस्तावित है। यदि कोई शिक्षक किसी कारणवश अप्रैल में परीक्षा नहीं दे पाता है या उसमें सफल नहीं हो पाता, तो उसे निराश होने की जरूरत नहीं है।

एनआईओएस ने मुख्य परीक्षा के साथ-साथ पूरक परीक्षा (Supplementary Exam) की भी व्यवस्था की है। इससे शिक्षकों को अपनी परीक्षा पास करने का एक और मौका मिलेगा, जिससे उनकी नौकरी पर मंडरा रहा खतरा पूरी तरह टल जाएगा। एनआईओएस के सक्षमता निर्माण प्रकोष्ठ के अधिकारियों के अनुसार, इस पाठ्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की व्यावसायिक क्षमता को मजबूत करना है, न कि उन पर अनावश्यक दबाव बनाना।

लेखक के बारे में

SHIVMANGAL

Senior Content Writer

मैं शिवमंगल वर्तमान में नौकरी दृष्टि में सीनियर कंटेंट राइटर के पोस्ट पर कार्यरत हु। वर्ष 2018 से शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहा हूं। मुझे सरकारी नौकरी , रिजल्ट आदि विषयों पर अपडेट देने का विशेष अनुभव है।
FIRST PUBLISHED: 26 सितम्बर 2026, 8:04 पूर्वाह्न
व्हाट्सएप से जुड़ें