APAAR ID Privacy Policy Changed: केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय द्वारा देश के छात्रों के लिए शुरू की गई डिजिटल पहचान यानी ‘अपार आईडी’ (One Nation One Student ID) को लेकर एक बहुत बड़ा अपडेट सामने आया है। शिक्षा मंत्रालय ने अपार पोर्टल की प्राइवेसी पॉलिसी में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।
अब आपकी यह डिजिटल आईडी सिर्फ स्कूल या कॉलेज तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पढ़ाई पूरी करने के बाद जब आप नौकरी के लिए आवेदन करेंगे, तब भी यह आपके बहुत काम आएगी। नए नियमों के तहत अब आपकी अनुमति से कंपनियां और एम्प्लॉयर्स (नियोक्ता) आपकी डिग्रियों और मार्कशीट का डिजिटल वेरिफिकेशन सीधे अपार पोर्टल के जरिए कर सकेंगे।
क्या हैं अपार आईडी से जुड़े नए नियम और प्रक्रिया?
नौकरी देते समय फर्जी डिग्रियों की समस्या को खत्म करने और सत्यापन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए यह बदलाव किया गया है। लेकिन क्या इससे आपकी निजता (Privacy) को कोई खतरा है? आइए इसे सवाल-जवाब की मदद से आसान भाषा में समझते हैं।
| मुख्य सवाल | नए नियम व प्रक्रिया का स्पष्ट विवरण |
|---|---|
| क्या कंपनी बिना पूछे रिकॉर्ड देख सकेगी? | बिल्कुल नहीं। नियोक्ता सिर्फ आपकी अनुमति से ही वेरिफिकेशन कर सकता है। |
| वेरिफिकेशन की पूरी प्रोसेस क्या होगी? | कंपनी को पोर्टल पर ‘वेरिफायर’ के रूप में रजिस्टर करना होगा। वह आपके किसी खास डॉक्यूमेंट को देखने की रिक्वेस्ट भेजेगी, जिसे आप OTP या e-Sign से मंजूरी देंगे। |
| क्या पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक होगा? | नहीं, कोई भी एम्प्लॉयर सामान्य यूजर की तरह आपका रिकॉर्ड नहीं देख सकता। आप रिक्वेस्ट को मंजूर या रिजेक्ट करने के लिए स्वतंत्र हैं। |
| डेटा सुरक्षा और स्टोरेज का क्या नियम है? | डेटा रिकवरी और सर्विस के लिए ‘अपार’ थर्ड-पार्टी क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर का इस्तेमाल कर सकता है, जहां सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। |
Academic Bank of Credits (ABC) से कैसे जुड़ी है यह आईडी?
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत ‘अपार आईडी’ को आपके Academic Bank of Credits (ABC) से जोड़ा गया है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपकी मार्कशीट, सर्टिफिकेट्स और प्राप्त क्रेडिट्स (अंक) डिजिटल रूप में एक सुरक्षित वॉलेट में जमा रहते हैं।
यदि कोई छात्र किसी वजह से पढ़ाई बीच में छोड़ता है या कॉलेज बदलता है, तो उसके कमाए गए क्रेडिट्स इस डिजिटल बैंक में सुरक्षित रहते हैं। दोबारा पढ़ाई शुरू करने पर ये क्रेडिट्स तुरंत नई संस्था में ट्रांसफर हो जाते हैं।
घर बैठे मिनटों में कैसे बनाएं अपनी 12 अंकों की APAAR ID?
अगर आपने अभी तक अपनी अपार आईडी नहीं बनाई है, तो आप अपने मोबाइल या कंप्यूटर की मदद से इसे आसानी से जनरेट कर सकते हैं।
- सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट abc.gov.in पर जाएं या अपने फोन में DigiLocker App खोलें।

- अपने आधार कार्ड से जुड़े विवरण के माध्यम से डिजीलॉकर में लॉगिन या साइन-अप करें।

- ‘Search Document’ सेक्शन में जाकर ‘APAAR ID’ या ‘ABC ID’ टाइप करके सर्च करें।
- अपना नाम, जन्मतिथि, स्कूल/यूनिवर्सिटी का नाम और रोल नंबर दर्ज करें।
- ‘Get Document’ पर क्लिक करते ही आपकी 12 अंकों की APAAR ID बनकर तैयार हो जाएगी, जिसे आप डाउनलोड कर भविष्य के लिए सुरक्षित रख सकते हैं।
