EPFO Pension News: केंद्रीय कर्मचारियों और नौकरीपेशा वर्ग के लिए सरकार की तरफ से एक बहुत ही शानदार खबर सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। इस फैसले के तहत ईपीएफ की बेसिक सैलरी लिमिट को 15,000 रुपये से बढ़ाकर सीधे 25,000 रुपये कर दिया गया है।
लेकिन यह खुशी यहीं खत्म नहीं होती! सैलरी लिमिट में इस बढ़ोतरी का सबसे बड़ा और सीधा फायदा कर्मचारियों की मासिक पेंशन यानी कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) पर पड़ने वाला है। नए नियमों के लागू होने से EPS पेंशन की राशि में लगभग 67 प्रतिशत तक की ज़बरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।
अब कितनी मिलेगी हर महीने पेंशन?
पुरानी 15,000 रुपये की वेज लिमिट के हिसाब से कर्मचारियों को जो पेंशन मिलती थी, नए फैसले के बाद उसमें भारी अंतर देखने को मिलेगा। आइए समझते हैं कि पुरानी और नई वेज लिमिट में पेंशन का गणित कैसे बदला है:
| विवरण | पुरानी वेज लिमिट (₹15,000) | नई वेज लिमिट (₹25,000) | बदलाव / बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|
| अधिकतम पेंशन योग्य वेतन | ₹15,000 | ₹25,000 | ₹10,000 का इजाफा |
| मासिक EPS पेंशन (30 साल सेवा पर) | ₹6,857 | ₹11,429 | 67% का सीधा उछाल |
समझें कैसे होगी नई पेंशन की गणना
EPS के तहत पेंशन तय करने का एक मानक फॉर्मूला होता है, जो कुछ इस प्रकार है।
मासिक EPS पेंशन = (पेंशन योग्य वेतन × पेंशन योग्य सेवा) ÷ 70
यहाँ ‘पेंशन योग्य वेतन’ से मतलब नौकरी छोड़ने या रिटायरमेंट से ठीक पहले के 60 महीनों के औसतन बेसिक वेतन और महंगाई भत्ते (DA) से होता है।
11,429 रुपये पेंशन का गणित: यदि किसी कर्मचारी ने 30 वर्षों तक नौकरी पूरी की है, तो ईपीएस नियमों के तहत उसे 2 साल का अतिरिक्त वेटेज/लाभ दिया जाता है। इस तरह उसकी कुल पेंशन योग्य सेवा 32 वर्ष गिनी जाएगी।
- पुराने नियम से: (15,000 × 32) ÷ 70 = ₹6,857 प्रतिमाह
- नए नियम से: (25,000 × 32) ÷ 70 = ₹11,429 प्रतिमाह
किन कर्मचारियों को मिलेगा इसका लाभ?
नए नियमों के अनुसार, अब जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता (DA) मिलाकर 25,000 रुपये तक है, वे सभी अनिवार्य रूप से EPF और EPS के दायरे में आएंगे। हालांकि, न्यूनतम पेंशन का लाभ उठाने के लिए कर्मचारी को कम से कम 10 वर्ष की न्यूनतम सेवा पूरी करनी होगी। सरकार के इस कदम से देश के लाखों कर्मचारियों का रिटायरमेंट के बाद का भविष्य और अधिक सुरक्षित व समृद्ध हो सकेगा।
