UP Employee Salary Increased: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने जमीनी स्तर पर दिन-रात मेहनत करने वाले सेवादारों को एक बड़ा तोहफा दिया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रांतीय रक्षक दल (PRD) के जवानों, परिषदीय स्कूलों की रसोइयों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के हक में कई बड़े फैसले लिए गए।
सरकार ने न केवल इनके मानदेय और दैनिक भत्ते में अच्छी-खासी बढ़ोतरी की है, बल्कि इन सभी कर्मियों और उनके परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवच (आयुष्मान योजना के तहत) देने का ऐतिहासिक निर्णय भी लिया है। इस कदम से प्रदेश के लाखों परिवारों को आर्थिक तंगी से राहत मिलेगी।
किसे कितना मिला लाभ? एक नज़र में
योगी कैबिनेट के इस फैसले से अलग-अलग सेवा वर्गों को मिले मानदेय और स्वास्थ्य सुरक्षा का पूरा ब्योरा नीचे दिया गया है:
| सेवा वर्ग | पुराना मानदेय / भत्ता | नया मानदेय / भत्ता | स्वास्थ्य सुरक्षा कवच |
|---|---|---|---|
| PRD जवान | ₹500 / दिन | ₹600 / दिन | ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज |
| आंगनवाड़ी कार्यकर्ता | ₹8,000 / माह | ₹12,000 / माह | ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज |
| आंगनवाड़ी सहायिका | ₹4,000 / माह | ₹6,000 / माह | ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज |
| स्कूल रसोइया | पुराना दर | + ₹1,000 / माह बढ़ोतरी | ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज |
PRD जवानों के भत्ते में लगातार चौथी बार बढ़ोतरी
बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि सरकार PRD जवानों के कल्याण के लिए लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि साल 2019 में जहां जवानों को रोजाना 250 रुपये मिलते थे, वहीं अब इसे बढ़ाकर सीधे 600 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है।
इस निर्णय से प्रदेश के 27,794 से अधिक सक्रिय जवानों को सीधा फायदा पहुंचेगा। सुरक्षा, यातायात और आपदा प्रबंधन जैसे कठिन कार्यों में तैनात इन जवानों को अब आर्थिक मजबूती के साथ-साथ परिवार की सेहत की चिंता से भी मुक्ति मिलेगी।
PRD जवानों का दैनिक भत्ता: 2019 से 2026 तक का सफर
| लागू होने की तारीख | निर्धारित दैनिक भत्ता |
|---|---|
| 08 मार्च 2019 | ₹250 से बढ़ाकर ₹375 किया गया |
| 06 जनवरी 2022 | ₹375 से बढ़ाकर ₹395 किया गया |
| 16 अप्रैल 2025 | ₹395 से बढ़ाकर ₹500 किया गया |
| ताज़ा निर्णय (2026) | ₹500 से बढ़ाकर ₹600 किया गया |
स्वास्थ्य सुरक्षा से मजबूत होगा सामाजिक ढांचा
सीमित आय वाले इन परिवारों के लिए किसी गंभीर बीमारी का इलाज अक्सर कर्ज का कारण बन जाता था। सरकार के नए फैसले के बाद अब ये सभी कर्मी और उनके आश्रित परिजन सरकारी के साथ-साथ सरकार से संबद्ध (एम्पैनल्ड) निजी अस्पतालों में भी 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज करा सकेंगे।
मानदेय में इस बढ़ोतरी और स्वास्थ्य कवच की दोहरी व्यवस्था से राज्य के ग्राउंड-लेवल वर्कफोर्स का मनोबल बढ़ेगा और उन्हें सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा का एक मजबूत आधार मिलेगा।
