TET Pass Student Good News: शिक्षक दिवस के खास मौके पर सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खबर सामने आई है। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य के प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में 45,000 शिक्षकों की बंपर भर्ती की घोषणा की है। कटक के सेकेंडरी बोर्ड हाई स्कूल में आयोजित शिक्षक दिवस समारोह के दौरान सीएम ने यह ऐलान किया कि राज्य सरकार अगले तीन सालों के भीतर इन सभी खाली पदों को भरेगी।
यह घोषणा इसलिए भी बेहद खास मानी जा रही है क्योंकि इसके ठीक कुछ दिन पहले ही ओडिशा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (BSE) ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (OTET) का परिणाम घोषित किया था। ऐसे में हाल ही में टेट परीक्षा पास करने वाले हजारों युवाओं के लिए यह एक बड़ा अवसर बनकर आया है।
हाल ही में जारी हुआ था OTET का परिणाम
ओडिशा में शिक्षक भर्ती की यह घोषणा 2 सितंबर 2026 को जारी हुए ओडिशा टीईटी परिणाम के तुरंत बाद की गई है। इस साल परीक्षा में कुल 84,731 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 53,314 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है। इस बार का कुल क्वालीफाइंग प्रतिशत 64.48% रहा है। ये सभी सफल उम्मीदवार अब आने वाली 45,000 शिक्षक भर्तियों में आवेदन करने के पात्र होंगे।
शिक्षकों के सम्मान और शिक्षा सुधार पर सीएम का संदेश
शिक्षक दिवस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को याद करते हुए गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर बात की। उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च पद पर रहने के बावजूद डॉ. कलाम हमेशा खुद को एक शिक्षक कहलाने में गर्व महसूस करते थे।
इसके साथ ही सीएम ने छात्रों को सोशल मीडिया के अत्यधिक इस्तेमाल से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपना कीमती समय सोशल मीडिया पर बर्बाद करने के बजाय अपने करियर, शिक्षा और बेहतर व्यक्तित्व निर्माण पर लगाना चाहिए।
ओडिशा सरकार की अन्य महत्वपूर्ण शैक्षणिक योजनाएं
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए चलाई जा रही कई अहम योजनाओं का भी ज़िक्र किया:
- KG से PG तक मुफ्त शिक्षा: ओडिशा देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जिसने KG से लेकर PG तक मुफ्त शिक्षा की योजना शुरू की है।
- गोदावरीश मिश्र आदर्श प्राथमिक विद्यालय: राज्य भर में 12,000 करोड़ रुपये की लागत से 2,200 नए आदर्श प्राथमिक स्कूल बनाए जा रहे हैं।
- नर्सरी स्कूल की शुरुआत: छोटे बच्चों की शुरुआती शिक्षा के लिए 45,000 प्री-स्कूल/नर्सरी स्कूल खोले गए हैं।
- शहीद माधो सिंह हाथ खर्चा योजना: इस योजना का मुख्य उद्देश्य आदिवासी छात्रों को आर्थिक मदद देना है ताकि स्कूलों में ड्रॉप-आउट रेट (स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या) को कम किया जा सके।
- 9वीं-10वीं के छात्रों को प्रोत्साहन: सरकार 9वीं और 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों को भी मिड-डे मील और मुफ्त किताबें उपलब्ध करा रही है।
शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह एक बेहतरीन मौका है, इसलिए अब से ही अपनी आगे की तैयारी में जुट जाना फायदेमंद रहेगा।
