UP Outsource Employee Salary Increased: उत्तर प्रदेश के लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए 2 सितंबर 2026 का दिन ऐतिहासिक सौगात लेकर आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान ‘उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम’ की आधिकारिक वेबसाइट, पोर्टल और लोगो (Logo) का लोकार्पण किया। इस अवसर पर दोनों उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने कर्मचारियों को चेक वितरित किए और नई व्यवस्था के तहत मिलने वाली सुविधाओं का ऐलान किया।
न्यूनतम मानदेय 13 हजार से बढ़कर हुआ 20 हजार रुपये
निगम के अस्तित्व में आते ही प्रदेश के लगभग 3.5 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन में सीधी 7 हजार रुपये की बढ़ोतरी हो गई है। जिन कर्मचारियों को पहले 13 हजार रुपये प्रति माह मिलते थे, अब उनका न्यूनतम मानदेय बढ़कर 20 हजार रुपये हो जाएगा। वहीं उच्च पदों पर तैनात आउटसोर्स कर्मियों को 40 हजार रुपये तक का मासिक वेतन मिलेगा। सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि अब कोई भी आउटसोर्स कंपनी मनमाने ढंग से किसी कर्मचारी को नौकरी से बाहर नहीं निकाल सकेगी। हटाने से पहले सरकार को रिपोर्ट देनी होगी, जिसके बाद निष्पक्ष जांच की जाएगी।
UP Outsource Employee Salary Hike , Benefits
उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के तहत कर्मचारियों को मिलने वाली प्रमुख सुविधाओं और आर्थिक सुरक्षा का विवरण नीचे दी गई टेबल में देखा जा सकता है।
| सुविधा / सुरक्षा पहलू | प्रस्तावित लाभ एवं सहायता राशि |
|---|---|
| न्यूनतम मानदेय (Minimum Salary) | ₹20,000 प्रति माह (पहले ₹13,000 था) , अधिकतम ₹40,000 प्रति माह , वेतन पद के आधार पर होगी। |
| दुर्घटना बीमा कवर (Accident Insurance) | ₹20 लाख से ₹50 लाख तक |
| आकस्मिक दवा सहायता (Emergency Medical) | ₹5 लाख तक |
| एयर एम्बुलेंस सुविधा (Air Ambulance) | ₹10 लाख तक |
| अग्निकांड दुर्घटना सहायता | ₹10 लाख तक |
| बच्चों की शिक्षा हेतु सहायता | पुत्र के लिए ₹5 लाख / पुत्री के लिए ₹8 लाख |
| भविष्य निधि व स्वास्थ्य लाभ | EPF जमा और ESI / आयुष्मान कार्ड सुविधा |
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और 20 लाख लोगों को सुरक्षा देने का लक्ष्य
सरकार का लक्ष्य इस निगम के माध्यम से लगभग 20 लाख लोगों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा कवर प्रदान करना है। अब सभी सरकारी विभागों, आउटसोर्स एजेंसियों और कर्मचारियों को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। नई भर्तियों में आरक्षण नियमों (SC-21%, ST-2%, OBC-27%, EWS-10%) का पूर्ण पालन किया जाएगा और चयन लिखित परीक्षा व इंटरव्यू के आधार पर होगा।
बिचौलियों की मनमानी और अवैध वसूली पर लगेगी लगाम
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने चेतावनी दी कि यदि कोई सेवा प्रदाता कंपनी (एजेंसी) चयन के नाम पर युवाओं से अवैध वसूली करती पाई गई, तो उस कंपनी को तुरंत ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा और दोषियों को जेल भेजा जाएगा। वहीं, पहले से कार्यरत किसी भी आउटसोर्स कर्मचारी को हटाया नहीं जाएगा, बल्कि उनकी सेवाएं टेंडर की शर्तों के तहत नए निगम के माध्यम से जारी रहेंगी।
नया अपडेट
कर्मचारियों का मानदेय हर महीने की 5 तारीख तक उनके बैंक खाते में कंपनी को ट्रांसफर करने होंगे।
यूपी के समस्त आउटसोर्स कर्मचारी अब अपनी शिकायत आउटसोर्स सेवा निगम UPCOS की आधिकारिक वेबसाइट पर कर सकते हैं।
