उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के आउटसोर्स कार्मिकों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर, प्रोग्रामर और लेखाकार कम टैली ऑपरेटर सहित कुल 310 आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय (Honorarium) में 5 प्रतिशत की वृद्धि कर दी है।
संशोधित मानदेय की यह बढ़ोतरी जुलाई 2026 से प्रभावी लागू मानी जाएगी। आइए विस्तार से जानते हैं कि किस पद के कर्मचारी को अब प्रति माह कितना बढ़ा हुआ वेतन मिलेगा।
मुख्य विवरण
| संबंधित विभाग | उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) |
| लाभार्थी पद | कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखाकार कम टैली ऑपरेटर और प्रोग्रामर |
| लाभान्वित कर्मचारियों की संख्या | कुल 310 आउटसोर्स कार्मिक |
| मानदेय में वृद्धि | 5 प्रतिशत (जुलाई 2026 से प्रभावी) |
| वार्षिक बढ़ोतरी का नियम | कुल 10% (जनवरी में 5% + जुलाई में 5%) |
पदवार मानदेय: किसे कितना मिलेगा फायदा?
परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह के हवाले से बताया गया है कि परिवहन निगम के 310 कर्मचारियों का बढ़ा हुआ मानदेय पद के अनुसार इस प्रकार होगा:
- 1. कंप्यूटर ऑपरेटर (249 पद):
- मौजूदा मानदेय: लगभग ₹20,655 प्रति माह
- बढ़ा हुआ मानदेय: लगभग ₹21,420 प्रति माह
- भूमिका: कार्यालयीन कामकाज और डिजिटल संचालन में अहम जिम्मेदारी संभालते हैं।
- 2. प्रोग्रामर (26 पद):
- मौजूदा मानदेय: लगभग ₹42,000 प्रति माह
- बढ़ा हुआ मानदेय: बढ़कर ₹43,313 प्रति माह हो जाएगा।
- भूमिका: डिजिटल सिस्टम, सॉफ्टवेयर और तकनीकी सेवाओं का संचालन करते हैं।
- 3. लेखाकार कम टैली ऑपरेटर (35 पद):
- बढ़ा हुआ मानदेय: वरिष्ठता के क्रम के अनुसार अब इनका मानदेय ₹20,000 से लेकर ₹26,000 प्रति माह तक हो जाएगा।
- भूमिका: वित्तीय एवं लेखा संबंधी कार्यों को व्यवस्थित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
साल में दो बार मानदेय बढ़ाने की व्यवस्था
परिवहन राज्य मंत्री दयाशंकर सिंह ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में प्रतिवर्ष कुल 10 प्रतिशत वृद्धि का प्रावधान है। यह बढ़ोतरी दो अलग-अलग चरणों में पूरी की जाती है—पहला चरण जनवरी में (5%) और दूसरा चरण जुलाई में (5%)। इसी निर्धारित प्रक्रिया के तहत जुलाई से 5 प्रतिशत का यह इजाफा लागू किया गया है।
कर्मचारियों का बढ़ेगा उत्साह
परिवहन निगम की सेवाओं को सुचारू, प्रभावी और आधुनिक बनाने में इन आउटसोर्स कर्मचारियों की अहम भूमिका है। सरकार का मानना है कि इस प्रकार के नियमित आर्थिक प्रोत्साहन से आउटसोर्स कार्मिकों को आर्थिक स्तर पर राहत मिलेगी और उनके काम के प्रति उत्साह और प्रतिबद्धता में वृद्धि होगी।
