UP Teacher GIS Refund: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों (Non-Teaching Staff) को एक बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने सालों से लंबित सामूहिक बीमा योजना (Group Insurance Scheme – GIS) के तहत वेतन से काटी गई प्रीमियम राशि को कर्मचारियों के खातों में वापस (Refund) करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है।
इस फैसले के तहत शासन की ओर से ₹1,34,60,14,258 (134 करोड़ रुपये से अधिक) की वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी गई है। यह पूरी धनराशि पात्र कर्मचारियों को एरियर (Arrear) के रूप में एकमुश्त (Lump sum) ट्रांसफर की जाएगी।
मुख्य बिंदु
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| कुल स्वीकृत राशि | ₹1,34,60,14,258 (134 करोड़ रुपये से अधिक) |
| कटौती की अवधि | 31 मार्च 2014 से 1 सितंबर 2022 तक |
| लाभार्थी | बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी |
| भुगतान का प्रकार | एरियर के रूप में एकमुश्त (Direct Bank Transfer) |
| जारीकर्ता निकाय | बेसिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन |
किसे मिलेगा इस फैसले का लाभ?
बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस निर्णय का लाभ 31 मार्च 2014 के बाद नियुक्त शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को मिलेगा।
31 मार्च 2014 से 1 सितंबर 2022 के दौरान उनके मासिक वेतन से जो GIS (सामूहिक बीमा योजना) की कटौती की गई थी, उस पूरी राशि का सत्यापन करके उनके खातों में लौटाया जाएगा।
भुगतान की प्रक्रिया: कैसे और कब मिलेंगे पैसे?
शासन ने इस प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- अभिलेखों का सत्यापन (Verification): भुगतान से पहले संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) द्वारा कर्मचारियों के सेवा अभिलेखों (Service Records) और कटौती के विवरण का मिलान किया जाएगा।
- एकमुश्त बैंक ट्रांसफर: सत्यापन पूरा होते ही जनपदीय आहरण एवं वितरण अधिकारियों द्वारा एरियर की राशि कर्मचारियों के सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
- लापरवाही पर सख्त कार्रवाई: शासन ने स्पष्ट किया है कि यदि भुगतान की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या देरी पाई जाती है, तो संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और आहरण-वितरण अधिकारी की सीधी जवाबदेही तय की जाएगी।
💬 शिक्षा राज्यमंत्री का बयान
उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि योगी सरकार शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के कल्याण और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। GIS कटौती की राशि वापस करने का यह निर्णय सरकार की संवेदनशीलता और पारदर्शी कार्यप्रणाली को दर्शाता है, जिससे लंबे समय से इंतजार कर रहे हजारों कर्मचारियों को सीधी आर्थिक राहत मिलेगी।
