UPTET 2026: 2.68 लाख कार्यरत शिक्षकों में से 62,028 फेल, क्या जाएगी नौकरी? जानें सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश

27 अगस्त 2026, 7:46 अपराह्न IST

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UPTET 2026 In-Service Teachers Result: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 का परिणाम घोषित हो चुका है। इस परीक्षा में कुल 13.3 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है। जहाँ एक तरफ नए अभ्यर्थियों में खुशी का माहौल है, वहीं दूसरी तरफ परिणाम के आंकड़ों ने राज्य के कार्यरत शिक्षकों की चिंता बढ़ा दी है।

परीक्षा में शामिल हुए कुल 2,68,799 कार्यरत शिक्षकों (In-service Teachers) में से 62,028 शिक्षक UPTET पास करने में असफल रहे हैं। इसके बाद से ही यह सवाल उठने लगा है कि क्या इन शिक्षकों की नौकरी पर कोई खतरा मंडरा रहा है? आइए जानते हैं सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और आगे के विकल्पों के बारे में।

UPTET 2026: ओवरऑल परिणाम और आंकड़े

इस वर्ष UPTET परीक्षा के दोनों स्तरों पर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन काफी बेहतर रहा है –

स्तर (Level)कुल शामिल अभ्यर्थीकुल सफल अभ्यर्थीसफलता प्रतिशत (%)
प्राथमिक स्तर (Class 1-5)7,13,6485,71,43580.07%
उच्च प्राथमिक स्तर (Class 6-8)10,57,0217,59,51371.85%

आइए जानते हैं, कितने कार्यरत शिक्षक हुए फेल?

प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर मिलाकर कुल 2,68,799 कार्यरत शिक्षकों ने यह परीक्षा दी थी, जिनमें से 62,028 शिक्षक परीक्षा क्लियर नहीं कर पाए।

  • प्राथमिक स्तर पर: कुल 1,22,405 कार्यरत शिक्षकों ने परीक्षा दी, जिनमें से 93,387 शिक्षक पास हुए (सफलता प्रतिशत: 76.29%)।
  • उच्च प्राथमिक स्तर पर: कुल 1,46,394 कार्यरत शिक्षक शामिल हुए, जिनमें से 1,13,384 शिक्षक सफल रहे (सफलता प्रतिशत: 77.45%)।

क्या फेल होने वाले 62 हजार शिक्षकों की नौकरी चली जाएगी?

जवाब है: तुरंत नहीं।

UPTET 2026 में असफल हुए शिक्षकों की नौकरी फिलहाल तुरंत नहीं जाएगी। इन शिक्षकों के लिए राहत की बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार उनके पास अभी पात्रता हासिल करने का मौका बचा हुआ है।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश और डेडलाइन

सुप्रीम कोर्ट ने कार्यरत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करने की अंतिम समय सीमा (Deadline) 31 अगस्त 2028 तय की है।

  • इसका मतलब यह है कि जो शिक्षक इस बार पास नहीं हो सके हैं, वे 31 अगस्त 2028 से पहले आयोजित होने वाली आगामी TET परीक्षाओं में शामिल होकर अपनी पात्रता साबित कर सकते हैं।
  • सावधान रहने की जरूरत: यदि कोई शिक्षक 31 अगस्त 2028 की तय सीमा तक TET परीक्षा पास करने में विफल रहता है, तो सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देशों के तहत उसकी सेवा समाप्त (Termination) की कार्रवाई की जा सकती है।

कार्यरत शिक्षकों के लिए होगी अलग परीक्षा!

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में शिक्षकों ने विरोध प्रदर्शन किया था। उनकी मांग थी कि पहले से सेवा में तैनात शिक्षकों पर TET की अनिवार्यता को शिथिल किया जाए।

शिक्षकों के हित को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) को कार्यरत शिक्षकों के लिए एक अलग विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करने का निर्देश दिया था।

  • आयोग फिलहाल इस अलग परीक्षा के प्रारूप और प्रक्रिया पर काम कर रहा है।
  • अलग परीक्षा होने से कार्यरत शिक्षकों को नए फ्रेश अभ्यर्थियों के साथ होने वाली सीधी प्रतिस्पर्धा का सामना नहीं करना पड़ेगा, जिससे उनके लिए परीक्षा पास करना काफी आसान हो जाएगा।

असफल शिक्षकों के लिए अब आगे क्या विकल्प हैं?

  1. घबराने की जरूरत नहीं: UPTET 2026 में फेल होना तत्काल नौकरी जाने का आधार नहीं है।
  2. समय सीमा का ध्यान रखें: 31 अगस्त 2028 तक का समय बाकी है, इसलिए आगामी अवसरों का पूरा लाभ उठाएं।
  3. विशेष परीक्षा की तैयारी: UPESSC द्वारा जल्द ही आयोजित की जाने वाली कार्यरत शिक्षकों की विशेष परीक्षा पर नजर रखें और उसकी तैयारी शुरू करें।

लेखक के बारे में

SHIVMANGAL

Senior Content Writer

मैं शिवमंगल वर्तमान में नौकरी दृष्टि में सीनियर कंटेंट राइटर के पोस्ट पर कार्यरत हु। वर्ष 2018 से शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहा हूं। मुझे सरकारी नौकरी , रिजल्ट आदि विषयों पर अपडेट देने का विशेष अनुभव है।
FIRST PUBLISHED: 27 अगस्त 2026, 7:46 अपराह्न
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